ShubhDivas logoShubhDivas
ShubhDivas — Vedic AstrologyShubhDivas
🏠Today's Panchanga📿Aaj Ka Rashifal🔴Rahu Kaal🟠Yamagandam🟡Gulika Kaal🕐Choghadiya📅Calendar🪔Festivals 2026🙏Ekadashi 2026🌑Amavasya 2026
All Jyotisha Tools🌙Moon Sign / Rashi🌟Birth Nakshatra📜Janam Kundali🌅Janma Lagna🔯Navamsa Chart👶Baby Name Finder💕Love Astrology✈️Videsh YogShadbalaAshtakavarga💑Kundali MatchingVimshottari Dasha🌀Yogini Dasha🪐Jupiter Transit 2026🔴Mangal Dosha🐍Kaalsarpa Dosha⚖️Shani Sade Sati🪢Rajju Porutham🔢Life Path Number📱Mobile Numerology📅Personal Year 2026🔤Name Compatibility💞Numerology Match💎Gemstone📿Rudraksha
🗂️Browse All Reports🔴Nadi Dosha Report💑Kundali Milan Report📊Panch Varsh Kundali📅Varshphal 2026-2027Prashna Jyotish🌟Graha Bala Report
Kundali MatchGet MuhuratStotras & MantrasConsult Pandit — ₹50
📚All PostsWhat is Nadi DoshaRahu Kaal Explained🚩Biodata Red Flags🔯Same Nakshatra Nadi Dosha
Sign In
🪢

राज्जु पोरुतम कैलकुलेटर

दक्षिण भारतीय विवाह अनुकूलता — राज्जु दोष जाँच और शास्त्रीय उपाय

व्यक्ति १ (वर)

साथी १ का विवरण

:

व्यक्ति २ (वधू)

साथी २ का विवरण

:

🪢

दोनों साथियों का जन्म विवरण भरें

दोनों साथियों की जन्म तिथि और समय भरें और 'राज्जु अनुकूलता जाँचें' पर क्लिक करें। गणना दोनों राज्जु प्रोफ़ाइल, दोष स्थिति और लागू उपाय दिखाएगी।

राज्जु पोरुतम क्या है?

राज्जु पोरुतम दक्षिण भारतीय वैदिक ज्योतिष में विवाह से पूर्व मूल्यांकित दस पोरुतम (अनुकूलता कारकों) में से एक है। संस्कृत में राज्जु का अर्थ "रस्सी" या "डोरी" है — दो जीवनों के एक साथ बंधने की कल्पना।

दसों पोरुतमों में से राज्जु पोरुतम को अनेक दक्षिण भारतीय परिवार — विशेषकर तमिल, तेलुगु और कन्नड़ समुदाय — सबसे महत्वपूर्ण एकल कारक मानते हैं।


पाँच राज्जु समूह

२७ नक्षत्रों को ५ राज्जु समूहों में विभाजित किया गया है:

राज्जुशरीर का अंगनक्षत्रदोष होने पर गंभीरता
शिरो राज्जुमस्तकमृगशिरा, आर्द्रा, चित्रा, स्वाती, धनिष्ठा, शतभिषाअत्यंत गंभीर (१०/१०)
कंठ राज्जुकंठरोहिणी, पुनर्वसु, हस्त, विशाखा, श्रवण, पूर्व भाद्रपदअत्यधिक गंभीर (८/१०)
उदर राज्जुउदरकृत्तिका, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदमध्यम (६/१०)
कटि राज्जुकटि/कमरभरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ामध्यम (५/१०)
पाद राज्जुपाद/चरणअश्विनी/मघा/मूल (समूह-A), आश्लेषा/ज्येष्ठा/रेवती (समूह-B)सौम्य (३/१०)

पाद राज्जु — विशेष नियम

पाद राज्जु को दो उपसमूहों में विभाजित किया गया है:

  • पाद समूह A: अश्विनी, मघा, मूल
  • पाद समूह B: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती

महत्वपूर्ण नियम: दोष तभी होता है जब दोनों साथी एक ही उपसमूह में हों।

  • अश्विनी (A) + आश्लेषा (B) = दोष नहीं
  • अश्विनी (A) + मघा (A) = दोष है

राज्जु दोष हो तो क्या करें?

घबराएं नहीं। राज्जु दोष कार्रवाई का संकेत है, प्रतिबंध नहीं।

१. दोष का प्रकार और गंभीरता पहचानें २. निवारण शर्तें जाँचें ३. अपनी परम्परा के योग्य पंडित से परामर्श लें ४. उपाय सही और पूर्ण रूप से करें ५. विवाह मुहूर्त सावधानी से चुनें


संबंधित ज्योतिष उपकरण

संबंधित ज्योतिष उपकरण

Chat with us