आज का भद्रा काल
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में · पूरे भारत में समान
आज
रवि, 6 सित॰, 8:44 am — रवि, 6 सित॰, 7:31 pm
भद्रा स्वर्ग लोक में निवास कर रही है — शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी के कार्यों पर इसका प्रभाव नहीं माना जाता।
आगामी भद्रा
रवि, 6 सित॰, 8:44 am
रवि, 6 सित॰, 7:31 pm तक · चंद्रमा मिथुन राशि में
बुध, 9 सित॰, 12:32 pm
बुध, 9 सित॰, 11:31 pm तक · चंद्रमा सिंह राशि में
सोम, 14 सित॰, 7:22 pm
मंगल, 15 सित॰, 7:46 am तक · चंद्रमा तुला राशि में
शुक्र, 18 सित॰, 1:02 pm
शनि, 19 सित॰, 2:15 am तक · चंद्रमा वृश्चिक राशि में
मंगल, 22 सित॰, 8:57 am
मंगल, 22 सित॰, 9:45 pm तक · चंद्रमा मकर राशि में
शुक्र, 25 सित॰, 11:08 pm
शनि, 26 सित॰, 10:48 am तक · चंद्रमा कुंभ राशि में
भद्रा क्या है?
भद्रा विष्टि करण का ही दूसरा नाम है, जो चर करणों में सातवाँ है। करण आधी तिथि का होता है, इसलिए भद्रा लगभग दस से तेरह घंटे तक रहती है और एक चंद्रमास में लगभग आठ बार आती है।
भद्रा काल में शास्त्रों के अनुसार वर्जित कार्य:
- नया व्यापार आरंभ करना अथवा अनुबंध पर हस्ताक्षर करना
- विवाह संस्कार और सगाई
- गृह प्रवेश तथा नींव रखना
- लाभ के उद्देश्य से यात्रा आरंभ करना
रक्षाबंधन और होलिका दहन परंपरा के अनुसार भद्रा समाप्त होने के बाद ही किए जाते हैं।
भद्रा वास — प्रभाव वास्तव में लगेगा या नहीं?
अधिकांश पंचांग यही बात छोड़ देते हैं। चंद्रमा की राशि के अनुसार भद्रा तीन लोकों में से किसी एक में निवास करती है, और पृथ्वी के कार्यों पर उसका प्रभाव तभी माना जाता है जब वह पृथ्वी लोक में निवास कर रही हो:
- पृथ्वी (प्रभावी) — चंद्रमा कर्क, सिंह, कुंभ अथवा मीन में
- स्वर्ग (पृथ्वी पर प्रभाव नहीं) — चंद्रमा मेष, वृषभ, मिथुन अथवा वृश्चिक में
- पाताल (पृथ्वी पर प्रभाव नहीं) — चंद्रमा कन्या, तुला, धनु अथवा मकर में