जन्माष्टमी 2026
बुधवार, 5 अगस्त 2026सार्वजनिक अवकाश

14 दिन में
बुधवार, 5 अगस्त 2026
Tithi 22
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
जन्माष्टमी के बारे में
मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण का जन्मदिन। केरल में इसे श्रीकृष्ण जयंती कहते हैं — गुरुवायूर मंदिर में भव्य शोभायात्राओं और अष्टमी रोहिणी अनुष्ठान के साथ मनाया जाता है, जब अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ते हैं।
तिथि: Tithi 23 · प्रकार: प्रमुख · व्रत: रखा जाता है
जन्माष्टमी की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 16 अग॰ | शनिवार |
| 2026इस वर्ष | 5 अग॰ | बुधवार |
| 2027 | 24 अग॰ | मंगलवार |
| 2028 | 13 अग॰ | रविवार |
| 2029 | 2 अग॰ | गुरुवार |
कहाँ मनाया जाता है
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जन्माष्टमी 2026 कब है?
जन्माष्टमी 2026 बुधवार, 5 अगस्त 2026 को है। Tithi 23
जन्माष्टमी का क्या महत्व है?
मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण का जन्मदिन। केरल में इसे श्रीकृष्ण जयंती कहते हैं — गुरुवायूर मंदिर में भव्य शोभायात्राओं और अष्टमी रोहिणी अनुष्ठान के साथ मनाया जाता है, जब अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ते हैं।
क्या जन्माष्टमी सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ, जन्माष्टमी भारत में राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश है। अधिकांश सरकारी कार्यालय, बैंक और अनेक निजी संस्थान बंद रहते हैं।
क्या जन्माष्टमी पर व्रत रखा जाता है?
हाँ, जन्माष्टमी पर परंपरागत रूप से व्रत रखा जाता है। अनुसरित परंपरा के अनुसार व्रत आंशिक (केवल फल और दूध) या निर्जल हो सकता है।
अगले वर्ष (2027) जन्माष्टमी कब मनाया जाएगा?
जन्माष्टमी 2027 मंगलवार, 24 अगस्त 2027 को मनाया जाएगा।
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