महालक्ष्मी पूजा 2026
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
58 दिन में
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
Tithi 7
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
महालक्ष्मी पूजा के बारे में
भाद्रपद शुक्ल अष्टमी — महाराष्ट्र में देवी महालक्ष्मी (जिन्हें ज्येष्ठा गौरी कहा जाता है) के सम्मान में 3 दिवसीय पर्व। घर की दो स्त्रियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है, जो लक्ष्मी के गृह-प्रवेश का प्रतीक है। पारंपरिक सोलह व्यंजनों का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। यह गणेशोत्सव की अवधि में ही पड़ता है।
तिथि: Tithi 7 · प्रकार: प्रमुख · व्रत: इस पर्व का मुख्य अंग नहीं
महालक्ष्मी पूजा की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 29 सित॰ | सोमवार |
| 2026इस वर्ष | 18 सित॰ | शुक्रवार |
| 2027 | 7 अक्टू॰ | गुरुवार |
| 2028 | 25 सित॰ | सोमवार |
| 2029 | 14 सित॰ | शुक्रवार |
कहाँ मनाया जाता है
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महालक्ष्मी पूजा 2026 कब है?
महालक्ष्मी पूजा 2026 शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को है। Tithi 7
महालक्ष्मी पूजा का क्या महत्व है?
भाद्रपद शुक्ल अष्टमी — महाराष्ट्र में देवी महालक्ष्मी (जिन्हें ज्येष्ठा गौरी कहा जाता है) के सम्मान में 3 दिवसीय पर्व। घर की दो स्त्रियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है, जो लक्ष्मी के गृह-प्रवेश का प्रतीक है। पारंपरिक सोलह व्यंजनों का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। यह गणेशोत्सव की अवधि में ही पड़ता है।
क्या महालक्ष्मी पूजा सार्वजनिक अवकाश है?
महालक्ष्मी पूजा केंद्रीय राजपत्रित अवकाश नहीं है, किंतु घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। कुछ राज्य इसे क्षेत्रीय अवकाश घोषित करते हैं — अपना स्थानीय कैलेंडर देखें।
क्या महालक्ष्मी पूजा पर व्रत रखा जाता है?
व्रत महालक्ष्मी पूजा का मुख्य अनुष्ठान नहीं है। यह दिन भोज, प्रार्थना और पारिवारिक मिलन के साथ मनाया जाता है।
अगले वर्ष (2027) महालक्ष्मी पूजा कब मनाया जाएगा?
महालक्ष्मी पूजा 2027 गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 को मनाया जाएगा।
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