मकर संक्रांति 2026
बुधवार, 14 जनवरी 2026सार्वजनिक अवकाश

2026 का पर्व (बीत चुका)
बुधवार, 14 जनवरी 2026
नीचे 2027 की तिथि देखें।
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
मकर संक्रांति के बारे में
सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। तमिलनाडु में यह सबसे महत्वपूर्ण पर्व है — थै पोंगल: 4 दिवसीय फसल उत्सव (भोगी, थै पोंगल, माट्टु पोंगल, कानुम पोंगल)। पोंगल की मीठी खीर मिट्टी के बर्तनों में खुले में पकाई जाती है; उसका उबलकर बाहर आ जाना (पोंगि) ही शुभ क्षण होता है। गुजरात में: उत्तरायण पतंग महोत्सव। महाराष्ट्र में: तिलगुल। बंगाल में: पीठे-पुली और गंगा सागर मेला।
तिथि: सौर — सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है / थै 1 · प्रकार: प्रमुख · व्रत: इस पर्व का मुख्य अंग नहीं
मकर संक्रांति की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 14 जन॰ | मंगलवार |
| 2026इस वर्ष | 14 जन॰ | बुधवार |
| 2027 | 14 जन॰ | गुरुवार |
| 2028 | 14 जन॰ | शुक्रवार |
| 2029 | 14 जन॰ | रविवार |
कहाँ मनाया जाता है
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मकर संक्रांति 2026 कब है?
मकर संक्रांति 2026 बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है। सौर — सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है / थै 1
मकर संक्रांति का क्या महत्व है?
सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। तमिलनाडु में यह सबसे महत्वपूर्ण पर्व है — थै पोंगल: 4 दिवसीय फसल उत्सव (भोगी, थै पोंगल, माट्टु पोंगल, कानुम पोंगल)। पोंगल की मीठी खीर मिट्टी के बर्तनों में खुले में पकाई जाती है; उसका उबलकर बाहर आ जाना (पोंगि) ही शुभ क्षण होता है। गुजरात में: उत्तरायण पतंग महोत्सव। महाराष्ट्र में: तिलगुल। बंगाल में: पीठे-पुली और गंगा सागर मेला।
क्या मकर संक्रांति सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ, मकर संक्रांति भारत में राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश है। अधिकांश सरकारी कार्यालय, बैंक और अनेक निजी संस्थान बंद रहते हैं।
क्या मकर संक्रांति पर व्रत रखा जाता है?
व्रत मकर संक्रांति का मुख्य अनुष्ठान नहीं है। यह दिन भोज, प्रार्थना और पारिवारिक मिलन के साथ मनाया जाता है।
अगले वर्ष (2027) मकर संक्रांति कब मनाया जाएगा?
मकर संक्रांति 2027 गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को मनाया जाएगा।
📿 मकर संक्रांति पर पढ़ने योग्य स्तोत्र
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