नारली पूर्णिमा 2026
मंगलवार, 28 जुलाई 2026
6 दिन में
मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Tithi 14
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
नारली पूर्णिमा के बारे में
श्रावण पौर्णिमा — महाराष्ट्र का तटीय पर्व। मछुआरे समुद्र देवता वरुण को नारियल (नारळ) अर्पित कर सुरक्षित यात्राओं की प्रार्थना करते हैं, जो मानसून के मत्स्य-प्रतिबंध की समाप्ति का प्रतीक है। यह रक्षाबंधन के साथ ही पड़ता है।
तिथि: Tithi 14 · प्रकार: क्षेत्रीय · व्रत: इस पर्व का मुख्य अंग नहीं
नारली पूर्णिमा की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 8 अग॰ | शुक्रवार |
| 2026इस वर्ष | 28 जुल॰ | मंगलवार |
| 2027 | 16 अग॰ | सोमवार |
| 2028 | 4 अग॰ | शुक्रवार |
| 2029 | 25 जुल॰ | बुधवार |
कहाँ मनाया जाता है
इस पर्व की शुभ योजना बनाएँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नारली पूर्णिमा 2026 कब है?
नारली पूर्णिमा 2026 मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को है। Tithi 14
नारली पूर्णिमा का क्या महत्व है?
श्रावण पौर्णिमा — महाराष्ट्र का तटीय पर्व। मछुआरे समुद्र देवता वरुण को नारियल (नारळ) अर्पित कर सुरक्षित यात्राओं की प्रार्थना करते हैं, जो मानसून के मत्स्य-प्रतिबंध की समाप्ति का प्रतीक है। यह रक्षाबंधन के साथ ही पड़ता है।
क्या नारली पूर्णिमा सार्वजनिक अवकाश है?
नारली पूर्णिमा केंद्रीय राजपत्रित अवकाश नहीं है, किंतु घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। कुछ राज्य इसे क्षेत्रीय अवकाश घोषित करते हैं — अपना स्थानीय कैलेंडर देखें।
क्या नारली पूर्णिमा पर व्रत रखा जाता है?
व्रत नारली पूर्णिमा का मुख्य अनुष्ठान नहीं है। यह दिन भोज, प्रार्थना और पारिवारिक मिलन के साथ मनाया जाता है।
अगले वर्ष (2027) नारली पूर्णिमा कब मनाया जाएगा?
नारली पूर्णिमा 2027 सोमवार, 16 अगस्त 2027 को मनाया जाएगा।
संबंधित त्योहार
नारली पूर्णिमा के आसपास की योजना