नीलाद्री बिजे 2026
रविवार, 26 जुलाई 2026
4 दिन में
रविवार, 26 जुलाई 2026
Tithi 12
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
नीलाद्री बिजे के बारे में
आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी — रथयात्रा चक्र का अंतिम दिन। भगवान जगन्नाथ मंदिर के बाहर रूठकर बैठने के बाद अपने गर्भगृह में प्रवेश करते हैं (उनकी पत्नी लक्ष्मी इस बात से नाराज़ हैं कि वे चले गए थे)। उन्हें मनाने के लिए महाप्रसाद रसगोला अर्पित किया जाता है — यही रसगोले पर ओडिशा के दावे का मूल है।
तिथि: Tithi 12 · प्रकार: प्रमुख · व्रत: इस पर्व का मुख्य अंग नहीं
नीलाद्री बिजे की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 7 जुल॰ | सोमवार |
| 2026इस वर्ष | 26 जुल॰ | रविवार |
| 2027 | 15 जुल॰ | गुरुवार |
| 2028 | 2 अग॰ | बुधवार |
| 2029 | 22 जुल॰ | रविवार |
कहाँ मनाया जाता है
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीलाद्री बिजे 2026 कब है?
नीलाद्री बिजे 2026 रविवार, 26 जुलाई 2026 को है। Tithi 12
नीलाद्री बिजे का क्या महत्व है?
आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी — रथयात्रा चक्र का अंतिम दिन। भगवान जगन्नाथ मंदिर के बाहर रूठकर बैठने के बाद अपने गर्भगृह में प्रवेश करते हैं (उनकी पत्नी लक्ष्मी इस बात से नाराज़ हैं कि वे चले गए थे)। उन्हें मनाने के लिए महाप्रसाद रसगोला अर्पित किया जाता है — यही रसगोले पर ओडिशा के दावे का मूल है।
क्या नीलाद्री बिजे सार्वजनिक अवकाश है?
नीलाद्री बिजे केंद्रीय राजपत्रित अवकाश नहीं है, किंतु घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। कुछ राज्य इसे क्षेत्रीय अवकाश घोषित करते हैं — अपना स्थानीय कैलेंडर देखें।
क्या नीलाद्री बिजे पर व्रत रखा जाता है?
व्रत नीलाद्री बिजे का मुख्य अनुष्ठान नहीं है। यह दिन भोज, प्रार्थना और पारिवारिक मिलन के साथ मनाया जाता है।
अगले वर्ष (2027) नीलाद्री बिजे कब मनाया जाएगा?
नीलाद्री बिजे 2027 गुरुवार, 15 जुलाई 2027 को मनाया जाएगा।
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