वरमहालक्ष्मी व्रत 2026
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
37 दिन में
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Tithi 15
क्षेत्रीय लिपियों में नाम
वरमहालक्ष्मी व्रत के बारे में
श्रावण शुक्ल पक्ष का अंतिम शुक्रवार — श्रावण पौर्णिमा (रक्षाबंधन) से कुछ दिन पहले या उसी दिन। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र की विवाहित स्त्रियाँ अपने परिवार तथा पति की कुशलता के लिए देवी वरमहालक्ष्मी की पूजा करती हैं। देवी के रूप में सजाया गया कलश स्थापित किया जाता है; व्रत उपवास, गणेश पूजा और संध्या को कुमकुम, हल्दी तथा पीले सूत्रों के साथ दीप प्रज्वलन के साथ किया जाता है। इस दिन वरमहालक्ष्मी की पूजा को आठों अष्टलक्ष्मी देवियों की पूजा के समान माना जाता है।
तिथि: Tithi 6 · प्रकार: प्रमुख · व्रत: रखा जाता है
वरमहालक्ष्मी व्रत की तिथियाँ (2025–2029)
| वर्ष | तिथि | वार |
|---|---|---|
| 2025 | 29 अग॰ | शुक्रवार |
| 2026इस वर्ष | 28 अग॰ | शुक्रवार |
| 2027 | 13 अग॰ | शुक्रवार |
| 2028 | 25 अग॰ | शुक्रवार |
| 2029 | 24 अग॰ | शुक्रवार |
कहाँ मनाया जाता है
इस पर्व की शुभ योजना बनाएँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वरमहालक्ष्मी व्रत 2026 कब है?
वरमहालक्ष्मी व्रत 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को है। Tithi 6
वरमहालक्ष्मी व्रत का क्या महत्व है?
श्रावण शुक्ल पक्ष का अंतिम शुक्रवार — श्रावण पौर्णिमा (रक्षाबंधन) से कुछ दिन पहले या उसी दिन। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र की विवाहित स्त्रियाँ अपने परिवार तथा पति की कुशलता के लिए देवी वरमहालक्ष्मी की पूजा करती हैं। देवी के रूप में सजाया गया कलश स्थापित किया जाता है; व्रत उपवास, गणेश पूजा और संध्या को कुमकुम, हल्दी तथा पीले सूत्रों के साथ दीप प्रज्वलन के साथ किया जाता है। इस दिन वरमहालक्ष्मी की पूजा को आठों अष्टलक्ष्मी देवियों की पूजा के समान माना जाता है।
क्या वरमहालक्ष्मी व्रत सार्वजनिक अवकाश है?
वरमहालक्ष्मी व्रत केंद्रीय राजपत्रित अवकाश नहीं है, किंतु घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। कुछ राज्य इसे क्षेत्रीय अवकाश घोषित करते हैं — अपना स्थानीय कैलेंडर देखें।
क्या वरमहालक्ष्मी व्रत पर व्रत रखा जाता है?
हाँ, वरमहालक्ष्मी व्रत पर परंपरागत रूप से व्रत रखा जाता है। अनुसरित परंपरा के अनुसार व्रत आंशिक (केवल फल और दूध) या निर्जल हो सकता है।
अगले वर्ष (2027) वरमहालक्ष्मी व्रत कब मनाया जाएगा?
वरमहालक्ष्मी व्रत 2027 शुक्रवार, 13 अगस्त 2027 को मनाया जाएगा।
📿 वरमहालक्ष्मी व्रत पर पढ़ने योग्य स्तोत्र
Lakshmi Sahasranama
लक्ष्मी सहस्रनाम
The 1000 names of Goddess Mahalakshmi from the Skanda Purana — recited especially on Fridays, Diwali, and Sharad Purnima for prosperity, abundance, and the grace of Devi Lakshmi.
~35 मिनट
Kanakadhara Stotra
कनकधारा स्तोत्र
An 18-verse hymn to Goddess Lakshmi composed by Adi Shankaracharya — said to have caused a rain of golden gooseberries (kanaka-dhara) when first sung. The most popular Lakshmi stotra for prosperity.
~8 मिनट
संबंधित त्योहार
वरमहालक्ष्मी व्रत के आसपास की योजना