ShubhDivas logoShubhDivas
ShubhDivas — Vedic AstrologyShubhDivas
🏠Today's Panchanga📿Rashifal🔴राहु काल🟠यमगण्ड🟡गुलिक काल🕐चौघड़िया📅कैलेंडर🪔त्योहार 2026🙏एकादशी 2026🌑अमावस्या 2026
All Jyotisha Tools🌙Moon Sign / Rashi🌟Birth Nakshatra📜Janam Kundali🌅Janma Lagna🔯Navamsa Chart👶Baby Name Finder💕Love Astrology✈️Videsh Yog🎓Foreign Education🏥Medical Career Yog🏛️Sarkari Naukri YogShadbalaAshtakavarga💑कुंडली मिलानVimshottari Dasha🌀Yogini Dasha🪐Jupiter Transit 2026🔴Mangal Dosha🐍Kaalsarpa Dosha⚖️Shani Sade Sati🪢Rajju Porutham🔢Life Path Number📱Mobile Numerology📅Personal Year 2026🔤Name Compatibility💞Numerology Match💎Gemstone📿Rudraksha
🗂️Browse All ReportsTrikaal Darshan (Complete)🔴Nadi Dosha Report💑Kundali Milan Report📊Panch Varsh Kundali📅Varshphal 2026-2027Prashna Jyotish🌟Graha Bala Report
Get MuhuratStotras & MantrasConsult Pandit — ₹99
📚All PostsWhat is Nadi DoshaRahu Kaal Explained🚩Biodata Red Flags🔯Same Nakshatra Nadi Dosha
About Us
Sign In

Dum Dum · West Bengal · भारत

Dum Dum में आज का गुलिक काल

सूर्योदय 5:03 am · सूर्यास्त 6:22 pm

Rahu KaalYamagandamGulika KaalChoghadiya

आज

10:02 am11:42 am

Dum Dum, West Bengal

Today

10:02 am11:42 am

Live status loading…

इस सप्ताह — Dum Dum

वारदिनांकगुलिक काल
बुधआजबुध, 22 जुल॰10:02 am11:42 am
गुरुगुरु, 23 जुल॰8:23 am10:02 am
शुक्रशुक्र, 24 जुल॰6:43 am8:23 am
शनिशनि, 25 जुल॰5:04 am6:44 am
रविरवि, 26 जुल॰3:01 pm4:41 pm
सोमसोम, 27 जुल॰1:22 pm3:01 pm
मंगलमंगल, 28 जुल॰11:42 am1:21 pm

गुलिक काल क्या है?

गुलिक काल (तमिल में जिसे कुलिगै कालम् कहा जाता है) वैदिक ज्योतिष के तीन दैनिक अशुभ कालों में तीसरा है। इसका संबंध गुलिक से है — एक उपग्रह, जिसे शनि का पुत्र माना गया है। इस अवधि में शनि जैसी ऊर्जा रहती है: भारी, अवरोधकारी और शुभ कार्यों के आरंभ के लिए प्रतिकूल।

गुलिक काल की गणना भी राहु काल की तरह दिन को आठ बराबर भागों में बाँटकर की जाती है। वार के अनुसार समय इस प्रकार है — रविवार को सातवाँ, सोमवार को छठा, मंगलवार को पाँचवाँ, बुधवार को चौथा, गुरुवार को तीसरा, शुक्रवार को दूसरा और शनिवार को पहला भाग। अवधि लगभग 90 मिनट की होती है और नगर के अक्षांश तथा ऋतु के अनुसार भिन्न होती है।

गुलिक का केरल और कर्नाटक की ज्योतिष परंपरा में विशेष महत्व है। ज्योतिष (वैदिक ज्योतिष) में जन्मकुंडली में गुलिक की स्थिति अशुभ प्रभावों की सूचक मानी जाती है। दैनिक गुलिक काल का पालन दक्षिण भारतीय राज्यों में व्यापक रूप से होता है — नए कार्य, संपत्ति के लेन-देन, अनुबंध और पवित्र अनुष्ठान इस अवधि में टाले जाते हैं। तमिल परंपरा में इसे गुलिगै कालम् भी लिखा जाता है।

गुलिक काल इन नगरों के लिए भी देखें

सभी नगर देखें →

व्यक्तिगत मुहूर्त रिपोर्ट

एक केंद्रित प्रश्न। तीन श्रेष्ठ मुहूर्त।

करियर, विवाह, धन या स्वास्थ्य — प्रश्न ज्योतिष आपकी जन्मकुंडली से सही समय निकालता है। 12 तिमाहियों का मुहूर्त-चक्र, 0–5 अंकों में आंका हुआ।

Chat with us