Haldwani and Kathgodam · Uttarakhand · भारत
Haldwani and Kathgodam में आज का गुलिक काल
सूर्योदय 5:26 am · सूर्यास्त 7:10 pm
आज
10:35 am — 12:18 pm
Haldwani and Kathgodam, Uttarakhand
Today
10:35 am – 12:18 pm
Live status loading…
इस सप्ताह — Haldwani and Kathgodam
| वार | दिनांक | गुलिक काल |
|---|---|---|
| बुधआज | बुध, 22 जुल॰ | 10:35 am – 12:18 pm |
| गुरु | गुरु, 23 जुल॰ | 8:52 am – 10:35 am |
| शुक्र | शुक्र, 24 जुल॰ | 7:10 am – 8:52 am |
| शनि | शनि, 25 जुल॰ | 5:28 am – 7:10 am |
| रवि | रवि, 26 जुल॰ | 3:43 pm – 5:25 pm |
| सोम | सोम, 27 जुल॰ | 2:00 pm – 3:42 pm |
| मंगल | मंगल, 28 जुल॰ | 12:18 pm – 2:00 pm |
गुलिक काल क्या है?
गुलिक काल (तमिल में जिसे कुलिगै कालम् कहा जाता है) वैदिक ज्योतिष के तीन दैनिक अशुभ कालों में तीसरा है। इसका संबंध गुलिक से है — एक उपग्रह, जिसे शनि का पुत्र माना गया है। इस अवधि में शनि जैसी ऊर्जा रहती है: भारी, अवरोधकारी और शुभ कार्यों के आरंभ के लिए प्रतिकूल।
गुलिक काल की गणना भी राहु काल की तरह दिन को आठ बराबर भागों में बाँटकर की जाती है। वार के अनुसार समय इस प्रकार है — रविवार को सातवाँ, सोमवार को छठा, मंगलवार को पाँचवाँ, बुधवार को चौथा, गुरुवार को तीसरा, शुक्रवार को दूसरा और शनिवार को पहला भाग। अवधि लगभग 90 मिनट की होती है और नगर के अक्षांश तथा ऋतु के अनुसार भिन्न होती है।
गुलिक का केरल और कर्नाटक की ज्योतिष परंपरा में विशेष महत्व है। ज्योतिष (वैदिक ज्योतिष) में जन्मकुंडली में गुलिक की स्थिति अशुभ प्रभावों की सूचक मानी जाती है। दैनिक गुलिक काल का पालन दक्षिण भारतीय राज्यों में व्यापक रूप से होता है — नए कार्य, संपत्ति के लेन-देन, अनुबंध और पवित्र अनुष्ठान इस अवधि में टाले जाते हैं। तमिल परंपरा में इसे गुलिगै कालम् भी लिखा जाता है।
Haldwani and Kathgodam के लिए यह भी देखें
व्यक्तिगत मुहूर्त रिपोर्ट
एक केंद्रित प्रश्न। तीन श्रेष्ठ मुहूर्त।
करियर, विवाह, धन या स्वास्थ्य — प्रश्न ज्योतिष आपकी जन्मकुंडली से सही समय निकालता है। 12 तिमाहियों का मुहूर्त-चक्र, 0–5 अंकों में आंका हुआ।