Pimpri and Chinchwad · Maharashtra · भारत
Pimpri and Chinchwad में आज का गुलिक काल
सूर्योदय 6:08 am · सूर्यास्त 7:13 pm
आज
11:03 am — 12:41 pm
Pimpri and Chinchwad, Maharashtra
Today
11:03 am – 12:41 pm
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इस सप्ताह — Pimpri and Chinchwad
| वार | दिनांक | गुलिक काल |
|---|---|---|
| बुधआज | बुध, 22 जुल॰ | 11:03 am – 12:41 pm |
| गुरु | गुरु, 23 जुल॰ | 9:25 am – 11:03 am |
| शुक्र | शुक्र, 24 जुल॰ | 7:47 am – 9:25 am |
| शनि | शनि, 25 जुल॰ | 6:09 am – 7:47 am |
| रवि | रवि, 26 जुल॰ | 3:56 pm – 5:34 pm |
| सोम | सोम, 27 जुल॰ | 2:18 pm – 3:56 pm |
| मंगल | मंगल, 28 जुल॰ | 12:41 pm – 2:18 pm |
गुलिक काल क्या है?
गुलिक काल (तमिल में जिसे कुलिगै कालम् कहा जाता है) वैदिक ज्योतिष के तीन दैनिक अशुभ कालों में तीसरा है। इसका संबंध गुलिक से है — एक उपग्रह, जिसे शनि का पुत्र माना गया है। इस अवधि में शनि जैसी ऊर्जा रहती है: भारी, अवरोधकारी और शुभ कार्यों के आरंभ के लिए प्रतिकूल।
गुलिक काल की गणना भी राहु काल की तरह दिन को आठ बराबर भागों में बाँटकर की जाती है। वार के अनुसार समय इस प्रकार है — रविवार को सातवाँ, सोमवार को छठा, मंगलवार को पाँचवाँ, बुधवार को चौथा, गुरुवार को तीसरा, शुक्रवार को दूसरा और शनिवार को पहला भाग। अवधि लगभग 90 मिनट की होती है और नगर के अक्षांश तथा ऋतु के अनुसार भिन्न होती है।
गुलिक का केरल और कर्नाटक की ज्योतिष परंपरा में विशेष महत्व है। ज्योतिष (वैदिक ज्योतिष) में जन्मकुंडली में गुलिक की स्थिति अशुभ प्रभावों की सूचक मानी जाती है। दैनिक गुलिक काल का पालन दक्षिण भारतीय राज्यों में व्यापक रूप से होता है — नए कार्य, संपत्ति के लेन-देन, अनुबंध और पवित्र अनुष्ठान इस अवधि में टाले जाते हैं। तमिल परंपरा में इसे गुलिगै कालम् भी लिखा जाता है।
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गुलिक काल इन नगरों के लिए भी देखें
सभी नगर देखें →व्यक्तिगत मुहूर्त रिपोर्ट
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