आज की होरा — Bhadrak
बुधवार · पहली होरा का स्वामी बुध · सूर्योदय 5:13 am · सूर्यास्त 6:26 pm
दिन की होराएँ · सूर्योदय से सूर्यास्त तक
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
5:13 am – 6:19 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
6:19 am – 7:25 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
7:25 am – 8:32 am
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
8:32 am – 9:38 am
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
9:38 am – 10:44 am
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
10:44 am – 11:50 am
शुक्र होराअभी
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
11:50 am – 12:56 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
12:56 pm – 2:02 pm
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
2:02 pm – 3:08 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
3:08 pm – 4:14 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
4:14 pm – 5:20 pm
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
5:20 pm – 6:26 pm
रात्रि की होराएँ · सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
6:26 pm – 7:20 pm
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
7:20 pm – 8:14 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
8:14 pm – 9:08 pm
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
9:08 pm – 10:02 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
10:02 pm – 10:56 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
10:56 pm – 11:50 pm
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
11:50 pm – 12:44 am
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
12:44 am – 1:38 am
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
1:38 am – 2:32 am
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
2:32 am – 3:26 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
3:26 am – 4:20 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
4:20 am – 5:14 am
Bhadrak के लिए होरा की गणना कैसे होती है
Bhadrak में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को बारह बराबर दिन-होराओं में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को बारह रात्रि-होराओं में बाँटा जाता है। इसीलिए होरा साठ मिनट की नहीं होती — आज Bhadrak में एक दिन-होरा 66 मिनट की और एक रात्रि-होरा 54 मिनट की है।
सूर्योदय के बाद की पहली होरा सदैव उसी वार के स्वामी की होती है — आज बुधवार है, इसलिए बुध। इसके आगे प्रत्येक होरा कल्दीय क्रम से चलती है: शनि, बृहस्पति, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। चौबीस होरा बीतने पर यह क्रम ठीक अगले वार के स्वामी पर आ ठहरता है — यही कारण है कि सप्ताह के वार इसी क्रम में चलते हैं।
ये अवधियाँ Bhadrak के अपने सूर्योदय से बँधी हैं, इसलिए किसी दूसरे नगर के लिए छपी होरा-सारणी से भिन्न रहती हैं। सभी समय स्थानीय हैं और प्रतिदिन नए सिरे से बनते हैं।
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