आज की होरा — Latur
बुधवार · पहली होरा का स्वामी बुध · सूर्योदय 5:58 am · सूर्यास्त 7:02 pm
दिन की होराएँ · सूर्योदय से सूर्यास्त तक
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
5:58 am – 7:03 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
7:03 am – 8:08 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
8:08 am – 9:14 am
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
9:14 am – 10:19 am
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
10:19 am – 11:24 am
सूर्य होराअभी
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
11:24 am – 12:30 pm
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
12:30 pm – 1:35 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
1:35 pm – 2:40 pm
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
2:40 pm – 3:46 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
3:46 pm – 4:51 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
4:51 pm – 5:56 pm
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
5:56 pm – 7:02 pm
रात्रि की होराएँ · सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
7:02 pm – 7:56 pm
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
7:56 pm – 8:51 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
8:51 pm – 9:46 pm
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
9:46 pm – 10:40 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
10:40 pm – 11:35 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
11:35 pm – 12:30 am
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
12:30 am – 1:25 am
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
1:25 am – 2:19 am
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
2:19 am – 3:14 am
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
3:14 am – 4:09 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
4:09 am – 5:03 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
5:03 am – 5:58 am
Latur के लिए होरा की गणना कैसे होती है
Latur में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को बारह बराबर दिन-होराओं में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को बारह रात्रि-होराओं में बाँटा जाता है। इसीलिए होरा साठ मिनट की नहीं होती — आज Latur में एक दिन-होरा 65 मिनट की और एक रात्रि-होरा 55 मिनट की है।
सूर्योदय के बाद की पहली होरा सदैव उसी वार के स्वामी की होती है — आज बुधवार है, इसलिए बुध। इसके आगे प्रत्येक होरा कल्दीय क्रम से चलती है: शनि, बृहस्पति, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। चौबीस होरा बीतने पर यह क्रम ठीक अगले वार के स्वामी पर आ ठहरता है — यही कारण है कि सप्ताह के वार इसी क्रम में चलते हैं।
ये अवधियाँ Latur के अपने सूर्योदय से बँधी हैं, इसलिए किसी दूसरे नगर के लिए छपी होरा-सारणी से भिन्न रहती हैं। सभी समय स्थानीय हैं और प्रतिदिन नए सिरे से बनते हैं।
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