आज की होरा — Sambhal
बुधवार · पहली होरा का स्वामी बुध · सूर्योदय 5:31 am · सूर्यास्त 7:12 pm
दिन की होराएँ · सूर्योदय से सूर्यास्त तक
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
5:31 am – 6:39 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
6:39 am – 7:48 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
7:48 am – 8:56 am
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
8:56 am – 10:05 am
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
10:05 am – 11:13 am
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
11:13 am – 12:22 pm
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
12:22 pm – 1:30 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
1:30 pm – 2:38 pm
चंद्र होराअभी
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
2:38 pm – 3:47 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
3:47 pm – 4:55 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
4:55 pm – 6:04 pm
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
6:04 pm – 7:12 pm
रात्रि की होराएँ · सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
7:12 pm – 8:04 pm
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
8:04 pm – 8:55 pm
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
8:55 pm – 9:47 pm
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
9:47 pm – 10:39 pm
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
10:39 pm – 11:30 pm
बृहस्पति होराशुभ
सर्वाधिक शुभ होरा — नए कार्य, अध्यापन, संचय, अनुष्ठान
11:30 pm – 12:22 am
मंगल होरा
साहस, विवाद, शल्यक्रिया, संपत्ति और यंत्र-मशीनरी
12:22 am – 1:13 am
सूर्य होरा
अधिकार, शासकीय एवं सरकारी कार्य, वरिष्ठजनों से व्यवहार
1:13 am – 2:05 am
शुक्र होराशुभ
विवाह-वार्ता, कला, आभूषण, सुख-सुविधा और संबंध
2:05 am – 2:57 am
बुध होराशुभ
अध्ययन, संवाद, लेखा-जोखा, व्यापार और मोल-भाव
2:57 am – 3:48 am
चंद्र होराशुभ
यात्रा, जल से जुड़े कार्य, माता अथवा गृह से संबंधित विषय
3:48 am – 4:40 am
शनि होरा
श्रम, लोहा एवं तेल, दीर्घकालिक कार्य; नए आरंभ से बचें
4:40 am – 5:32 am
Sambhal के लिए होरा की गणना कैसे होती है
Sambhal में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को बारह बराबर दिन-होराओं में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को बारह रात्रि-होराओं में बाँटा जाता है। इसीलिए होरा साठ मिनट की नहीं होती — आज Sambhal में एक दिन-होरा 68 मिनट की और एक रात्रि-होरा 52 मिनट की है।
सूर्योदय के बाद की पहली होरा सदैव उसी वार के स्वामी की होती है — आज बुधवार है, इसलिए बुध। इसके आगे प्रत्येक होरा कल्दीय क्रम से चलती है: शनि, बृहस्पति, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। चौबीस होरा बीतने पर यह क्रम ठीक अगले वार के स्वामी पर आ ठहरता है — यही कारण है कि सप्ताह के वार इसी क्रम में चलते हैं।
ये अवधियाँ Sambhal के अपने सूर्योदय से बँधी हैं, इसलिए किसी दूसरे नगर के लिए छपी होरा-सारणी से भिन्न रहती हैं। सभी समय स्थानीय हैं और प्रतिदिन नए सिरे से बनते हैं।
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