भूमि पूजन मुहूर्त 2026 — Bhoomi Pujan
निर्माण आरंभ करने से पूर्व की भूमि-पूजा।
आगामी शुभ तिथियाँ
नक्षत्र, वार और सौर मास के आधार पर छाँटी गई हैं। ऋक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित हैं।
24 जुलाई 2026
शुक्रवार · अनुराधा · दशमी
29 जुलाई 2026
बुधवार · उत्तराषाढ़ा · पूर्णिमा
31 जुलाई 2026
शुक्रवार · धनिष्ठा · द्वितीया
3 अगस्त 2026
सोमवार · उत्तर भाद्रपद · पञ्चमी
17 अगस्त 2026
सोमवार · चित्रा · पञ्चमी
28 अगस्त 2026
शुक्रवार · शतभिषा · पूर्णिमा
4 सितंबर 2026
शुक्रवार · रोहिणी · अष्टमी
17 सितंबर 2026
गुरुवार · अनुराधा · षष्ठी
21 सितंबर 2026
सोमवार · उत्तराषाढ़ा · दशमी
24 सितंबर 2026
गुरुवार · धनिष्ठा · त्रयोदशी
1 अक्टूबर 2026
गुरुवार · रोहिणी · पञ्चमी
2 अक्टूबर 2026
शुक्रवार · मृगशिरा · षष्ठी
19 अक्टूबर 2026
सोमवार · उत्तराषाढ़ा · अष्टमी
21 अक्टूबर 2026
बुधवार · धनिष्ठा · दशमी
22 अक्टूबर 2026
गुरुवार · शतभिषा · एकादशी
30 अक्टूबर 2026
शुक्रवार · मृगशिरा · पञ्चमी
5 नवंबर 2026
गुरुवार · उत्तर फाल्गुनी · एकादशी
6 नवंबर 2026
शुक्रवार · हस्त · द्वादशी
11 नवंबर 2026
बुधवार · अनुराधा · द्वितीया
20 नवंबर 2026
शुक्रवार · उत्तर भाद्रपद · एकादशी
25 नवंबर 2026
बुधवार · रोहिणी · प्रतिपदा
26 नवंबर 2026
गुरुवार · मृगशिरा · द्वितीया
3 दिसंबर 2026
गुरुवार · उत्तर फाल्गुनी · दशमी
4 दिसंबर 2026
शुक्रवार · हस्त · एकादशी
भूमि पूजन की ये तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
कोई तिथि तभी उपयुक्त मानी जाती है जब चंद्रमा भूमि पूजन के लिए शास्त्रों में निर्दिष्ट नक्षत्रों में से किसी एक में हो: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद, धनिष्ठा, शतभिषा।
नींव का कार्य खरमास (सूर्य धनु या मीन में) में टाला जाता है।
ऋक्ता तिथियाँ — चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी — तथा अमावस्या प्रत्येक संस्कार के लिए वर्जित हैं, और वर्जित नक्षत्रों (भरणी, कृत्तिका, अश्लेषा, मघा, Moola) में पड़ने वाली कोई भी तिथि भी।
तिथि पूरे भारत में एक ही रहती है, क्योंकि नक्षत्र, वार और सौर मास सर्वत्र समान होते हैं। किंतु मुहूर्त की घड़ी एक नहीं रहती — राहु काल, भद्रा और चौघड़िया की अवधियाँ आपके स्थानीय सूर्योदय के साथ खिसकती हैं, इसलिए समय निश्चित करने से पहले अपने नगर का दैनिक पृष्ठ अवश्य देखें।
अपने परिवार के लिए सटीक मुहूर्त चाहिए?
व्यक्तिगत मुहूर्त इन तिथियों को आपकी अपनी कुंडली और नगर के अनुसार परखता है।
अन्य मुहूर्त