संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026 — Property Purchase
भूमि अथवा भवन का पंजीकरण या कब्ज़ा लेना।
आगामी शुभ तिथियाँ
नक्षत्र, वार और सौर मास के आधार पर छाँटी गई हैं। ऋक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित हैं।
21 अक्टूबर 2026
बुधवार · धनिष्ठा · दशमी
30 अक्टूबर 2026
शुक्रवार · मृगशिरा · पञ्चमी
5 नवंबर 2026
गुरुवार · उत्तर फाल्गुनी · एकादशी
6 नवंबर 2026
शुक्रवार · हस्त · द्वादशी
11 नवंबर 2026
बुधवार · अनुराधा · द्वितीया
20 नवंबर 2026
शुक्रवार · उत्तर भाद्रपद · एकादशी
25 नवंबर 2026
बुधवार · रोहिणी · प्रतिपदा
26 नवंबर 2026
गुरुवार · मृगशिरा · द्वितीया
3 दिसंबर 2026
गुरुवार · उत्तर फाल्गुनी · दशमी
4 दिसंबर 2026
शुक्रवार · हस्त · एकादशी
15 जनवरी 2027
शुक्रवार · रेवती · सप्तमी
20 जनवरी 2027
बुधवार · मृगशिरा · त्रयोदशी
27 जनवरी 2027
बुधवार · हस्त · षष्ठी
28 जनवरी 2027
गुरुवार · चित्रा · सप्तमी
29 जनवरी 2027
शुक्रवार · स्वाति · अष्टमी
11 फ़रवरी 2027
गुरुवार · रेवती · पञ्चमी
25 फ़रवरी 2027
गुरुवार · चित्रा · पञ्चमी
26 फ़रवरी 2027
शुक्रवार · स्वाति · षष्ठी
4 मार्च 2027
गुरुवार · उत्तराषाढ़ा · द्वादशी
10 मार्च 2027
बुधवार · उत्तर भाद्रपद · द्वितीया
11 मार्च 2027
गुरुवार · रेवती · तृतीया
21 अप्रैल 2027
बुधवार · स्वाति · प्रतिपदा
23 अप्रैल 2027
शुक्रवार · अनुराधा · तृतीया
28 अप्रैल 2027
बुधवार · उत्तराषाढ़ा · सप्तमी
संपत्ति खरीद की ये तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
कोई तिथि तभी उपयुक्त मानी जाती है जब चंद्रमा संपत्ति खरीद के लिए शास्त्रों में निर्दिष्ट नक्षत्रों में से किसी एक में हो: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद, धनिष्ठा, रेवती।
पंजीकरण खरमास (सूर्य धनु या मीन में) में टाला जाता है।
ऋक्ता तिथियाँ — चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी — तथा अमावस्या प्रत्येक संस्कार के लिए वर्जित हैं, और वर्जित नक्षत्रों (भरणी, कृत्तिका, अश्लेषा, मघा, Moola) में पड़ने वाली कोई भी तिथि भी।
तिथि पूरे भारत में एक ही रहती है, क्योंकि नक्षत्र, वार और सौर मास सर्वत्र समान होते हैं। किंतु मुहूर्त की घड़ी एक नहीं रहती — राहु काल, भद्रा और चौघड़िया की अवधियाँ आपके स्थानीय सूर्योदय के साथ खिसकती हैं, इसलिए समय निश्चित करने से पहले अपने नगर का दैनिक पृष्ठ अवश्य देखें।
अपने परिवार के लिए सटीक मुहूर्त चाहिए?
व्यक्तिगत मुहूर्त इन तिथियों को आपकी अपनी कुंडली और नगर के अनुसार परखता है।
अन्य मुहूर्त